बारिश की तरह कोई बरसता रहे हम पर । फूल की तरह हम भी महकते चले जाएँ ।।

Monday, 22 September 2014

ज़िंदगी की अंजुमन का बस यही दस्तूर है बढ़ के मिलिये और मिल के दूर होते जाइये

ज़िंदगी की अंजुमन

Posted by Bansi Lal at 08:25 No comments:
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Bansi Lal
गलत लोग सभी के जीवन में आते हैं लेकिन सीख हमेशा सही देकर जाते है.. नजा़कत तो देखिये, कि सूखे पत्ते ने डाली से कहा... चुपके से अलग करना वरना लोगो का रिश्तों से भरोसा उठ जायेगा.. अपना वही है, जो खामोशी को पढ़ सके...!! वरना अंदाज़े तो बेगाने भी लगा लेते है...!!
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